हिमाचल सामान्य ज्ञान himachal gk

By Study-Knight

हिमाचल प्रदेश का भौगोलिक परिचय

शाब्दिक अर्थ – ‘हिमाचल’ शब्द ‘हिम’ और ‘अचल’ शब्दों से मिलकर बना है। हिम का अर्थ है बर्फ और अचल का अर्थ है पर्वत अर्थात् हिमाचल बर्फ का अथवा बर्फ से घिरा पर्वत है।


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हिमाचल प्रदेश का इतिहास

हिमाचल प्रदेश की स्थापना 1948 में भारतीय संघ के अंदर एक मुख्य आयुक्त प्रांत के रूप में हुई थी। हिमाचल प्रदेश का इतिहास शिमला के आसपास के पहाड़ी जिले और पूर्व पंजाब क्षेत्र के दक्षिणी पहाड़ी क्षेत्र तक ही सीमित रहा। 26 जनवरी 1951 को भारत के संविधान के कार्यान्वयन के साथ हिमाचल एक भाग सी राज्य बन गया।


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हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था

हिमाचल प्रदेश अपनी परिष्कृत कृषि के लिए विख्यात राज्य है। राज्य में उगाई जाने वाली प्रमुख फसलों में शामिल हैं:
आलू,चाय :- हिमाचल प्रदेश गेहूं, चावल, मक्का, जौ और बाजरा उगाता है। यहां गेहूं और चावल की प्रधानता है….
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हिमाचल प्रदेश की संस्कृति

प्रकृति की गोद में बसा हिमाचल स्वप्निल घाटियों, पन्ना घास के मैदानों, हरे-भरे जंगलों, घने जंगलों, विशाल चीड़, विशाल नदियों, शक्तिशाली झीलों और बर्फ से ढके पहाड़ों से संपन्न है।


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हिमाचल प्रदेश की नदियां

नदियां और झीलें
यमुना यह नदी हिमालय के यमनोत्री पर्वत से समुद्र तल से लगभग 7, 924 मीटर की ऊंचाई पर से निकलती है। …
गिरि गिरी और इसकी सहायक नदियाँ जिले के अधिक से अधिक हिस्से से जल निष्कासित करती हैं । …
टोंस …
जलाल …
मारकंडा …
बाता


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हिमाचल प्रदेश की झीलें

1 रेणुका झील हिमाचल प्रदेश के नाहन से लगभग 38 किमी दूर रेणुका झील एक प्राकृतिक झील है। …
2 चरेमा झील …
3 खज्जियार झील …
4 डल झील …
5 गोबिंद सागर झील …
6 चंद्रताल झील …
7 सूरज तल झील …
8 पराशर झील


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हिमाचल प्रदेश की झीलें

1 रेणुका झील हिमाचल प्रदेश के नाहन से लगभग 38 किमी दूर रेणुका झील एक प्राकृतिक झील है। …
2 चरेमा झील …
3 खज्जियार झील …
4 डल झील …
5 गोबिंद सागर झील …
6 चंद्रताल झील …
7 सूरज तल झील …
8 पराशर झील


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हिमाचल प्रदेश के जलप्रपात

1 वशिष्ठ (व्यास नदी के बाएँ किनारे) कुल्लू (मनाली)
2 खीर गंगा (पार्वती नदी से संबद्ध) कुल्लू
3 कसोल (पार्वती नदी से संबद्ध) कुल्लू
4 मणिकर्ण (पार्वती नदी के दाएँ किनारे) कुल्लू


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हिमाचल प्रदेश के हिमनद

हिमाचल प्रदेश के प्रमुख ग्लेशियर या हिमनद
बड़ा शिगड़ी ग्लेशियर (Bara Shigri Glacier)
गेफांग ग्लेशियर (Gefang Glacier)
चन्द्रा ग्लेशियर (Chandra Glacier)
कुल्टी ग्लेशियर (Kulti Glacier)
भागा ग्लेशियर (Bhaga Glacier)
लेडी ऑफ केलांग ग्लेशियर (Lady of Keylong Glacier)
मुक्किला ग्लेशियर (Mukila Glacier)


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हिमाचल प्रदेश की घाटियां

हिमाचल प्रदेश की प्रमुख घाटियां, सांगला या बस्पा घाटी, इमला-विमला घाटी, काँगड़ा घाटी, कुल्लू घाटी, क्यारदा दून घाटी


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हिमाचल प्रदेश के दर्रे

हिमाचल प्रदेश के प्रमुख दर्रे और जोतें (Major Passes and Jots of Himachal Pradesh) …
रोहतांग दर्रा (Rohtang Pass) …
कुंजुम दर्रा (Kunjum Pass) …
बारालाचा ला (Baralacha Pass) …
हामटा दर्रा (Hamta Pass) …
शिपकी ला दर्रा (Shipki La Pass) …
पिन पार्वती दर्रा (Pin Parvati Pass


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हिमाचल प्रदेश की चोटियां

हिमाचल प्रदेश की पर्वत चोटियाँ · 1. दियो – टिब्बा, 6,001, कुल्लू · 2. सोलांग, 5,975, कुल्लू · 3. मेवा कान्दिनू, 5,944, कुल्लू · 4. पीर पंजाल …


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हिमाचल प्रदेश में वर्षा और और जलवायु

बाह्म हिमाचल प्रदेश क्षेत्र में ठंडी और खुश्क सर्दियाँ और गर्मी में अत्यंत गरम मौसम रहाता है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वर्षा सामान्य होती है। उत्तर की ओर ऊँचाई बढ़ाने के साथ-साथ वातावरण आर्द्र और ठंडा होता जाता है और वृहद हिमालय में बर्फ़ के साथ कड़ाके की ठंड रहती है और सर्दियों का मौसम लंबा होता है।


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हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यबस्था – कृषि और बागवानी –

हिमाचल प्रदेश मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान राज्य है जहां कृषि कुल आबादी के लगभग 70 प्रतिशत को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करती है।
राज्य की अर्थव्यवस्था में बागवानी का प्रमुख योगदान रहा है और विविध जलवायु परिस्थितियों और स्थलाकृति के कारण, हिमाचल प्रदेश विभिन्न प्रकार के फलों और सब्जियों की खेती करने में सक्षम है। राज्य में विभिन्न फलों की 35 से अधिक प्रजातियाँ सफलतापूर्वक उगाई जा सकती हैं। क्षेत्रफल 83,677 वर्ग.


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हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यबस्था – पशुपालन –

हिमाचल प्रदेश पहाड़ी राज्य होने के कारण यहां के 90 प्रतिशत लोग कृषि एवं पशुपालन पर निर्भर है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए पशुपालन का अपना एक विशेष महत्व है। पूर्व में पशुपालन केवल कृषि हेतु खाद व घरेलू उपयोग हेतू दूध, ऊन, मांस व अण्डों आदि के उत्पादन तक ही सीमित था ।


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हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यबस्था – परिवहन समाचार पत्र एवं दूरसंचार-

हिमाचल में 3 हवाई अड्डे, 2 नैरो गेज रेल ट्रैक और कुछ अन्य निर्माणाधीन ब्रॉड गेज रेलवे ट्रैक भी हैं, लेकिन सड़कें परिवहन का मुख्य साधन बनी हुई हैं ।


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हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यबस्था -पर्यटन होटल-

हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) का गठन कंपनी अधिनियम 1956 के तहत हिमाचल प्रदेश सरकार के एक उपक्रम के रूप में सितंबर, 1972 में किया गया था
विश्व भर में हिमाचल प्रदेश की पहचान पर्यटन राज्य के रूप में है. हिमाचल प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन कारोबार का 4.3 फीसदी हिस्सा है. यहां हर साल करोड़ों की संख्या में पर्यटक पहाड़ों का दीदार करने के लिए आते हैं.


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हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यबस्था -सिंचाई और परियोजना-

हिमाचल की सिंचाई और परियोजनाएँ · 1. शाह नहर परियोजना – यह हिमाचल की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना है । · 2. बभौर साहिब परियोजना – इस .


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हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यबस्था -ऊर्जा संसाधान –

हिमाचल प्रदेश अपने पनबिजली संसाधनों में बेहद समृद्ध है। भारत की कुल क्षमता का लगभग पच्चीस प्रतिशत इसी राज्य में है। पांच बारहमासी नदी घाटियों पर विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण से राज्य में लगभग 27,436 मेगावाट पनबिजली पैदा हो सकती है।


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हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यबस्था -ऊर्जा संसाधान –

हिमाचल प्रदेश अपने पनबिजली संसाधनों में बेहद समृद्ध है। भारत की कुल क्षमता का लगभग पच्चीस प्रतिशत इसी राज्य में है। पांच बारहमासी नदी घाटियों पर विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण से राज्य में लगभग 27,436 मेगावाट पनबिजली पैदा हो सकती है।


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हिमाचल प्रदेश की कला और संस्कृति – भाषा और साहित्य –

हिमाचल प्रदेश एक बहुसांस्कृतिक और बहुभाषी राज्य है। सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में से कुछ हिंदी और पहाड़ी है। हिमाचल में रहने वाले हिंदू समुदाय में ब्राह्मण, राजपूत, कन्नट, राशी और कोली शामिल हैं। यहाँ में जनजातीय आबादी भी शामिल है जिसमें मुख्य रूप से गद्दी, किन्नर, गुज्जर, पनवाल और लाहौल शामिल हैं


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हिमाचल प्रदेश की कला और संस्कृति – लोकगीत , धर्म और लोकनाट्य –

प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लोक गीत गाए जाते हैं, जो कि पारम्परिक, सौन्दर्य युक्त तथा दैविक व संस्कारों से जुड़े गीत होते हैं, हिमाचल प्रदेश में पुराने लोकगीतों की परम्परा है जैसे कि कुंजड़ी, मलहार, घुरेई, सुकरात, तिल चोली, चुराही, झूरी भौंरू, हार-वार, साका, पडुआ, पंजड़ा, मोहना, वामणा रा छोरू, लोका, गंगी, भ्यागड़ा, …


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हिमाचल प्रदेश की कला और संस्कृति –

हिमाचल प्रदेश की कला और शिल्प के उदाहरण है कालीन, चमड़े का काम, शॉल, पेंटिंग, मेटलवेयर और लकडी की पेंटिंग आदि। पश्मीना शाल एक ऐसा उत्पाद है जो अत्यधिक मांग में है। रंगीन हिमाचली टोपियां भी प्रसिद्ध है। एक जनजाति डॉम, सोफे, कुर्सियां, बास्केट और रैक जैसी बांस की वस्तुओं के निर्माण में विशेषज्ञ हैं।


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हिमाचल प्रदेश की कला और संस्कृति – हस्तकला और वस्तुकला –

हिमाचल प्रदेश में घरों का निर्माण ‘ काठ-कुणी’ शैली के अनुसार किया जाता है। इस शैली पर धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों प्रभाव हैं। हिमाचल प्रदेश के इन पारंपरिक घरों में दीवारें वैकल्पिक रूप से पत्थरों और लकड़ी की लकड़ियों से बनाई जाती हैं।


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हिमाचल प्रदेश की कला और संस्कृति – हस्तकला और वस्तुकला –

हिमाचल प्रदेश में घरों का निर्माण ‘ काठ-कुणी’ शैली के अनुसार किया जाता है। इस शैली पर धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों प्रभाव हैं। हिमाचल प्रदेश के इन पारंपरिक घरों में दीवारें वैकल्पिक रूप से पत्थरों और लकड़ी की लकड़ियों से बनाई जाती हैं।


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हिमाचल प्रदेश की कला और संस्कृति -मंदिर और मंदिरों की शैलियां –

हिमाचल प्रदेश के लोकप्रिय 7 देवी मंदिर, श्रद्धालुओं के साथ घूमने के लिए भी परफ़ेक्ट जगह
चामुंडा मंदिर माता चामुंडा मंदिर हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में स्थित है। …
ज्वालाजी मंदिर
नैना देवी मंदिर
चिंतपूर्णी मंदिर …
शिकारी देवी मंदिर …
हडिम्बा मंदिर …
भीमकाली मंदिर


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हिमाचल प्रदेश की कला और संस्कृति -मेले और त्योहार-

हिमाचल प्रदेश के कुछ प्रमुख त्योहार इस प्रकार हैं : लवी मेला, कुल्लू दशहरा, मंडी शिवरात्री, ग्रीष्मोत्सव, नलबाड़ी मेला, जागरा, होली मेला, रेणुका मेला, मिंजर मेला, फुलेच आदि ।


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हिमाचल प्रदेश की कला और संस्कृति -जनजातियाँ-

हिमाचल प्रदेश की सात प्रमुख जनजातियाँ
किन्नौर जनजाति, गुज्जर जनजाति, लाहौली जनजाति, गद्दी जनजाति, स्वांगला जनजाति, पंगवाल और खम्पा जनजाति।


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